छत्तीसगढ़ : सरायपाली नगर में निर्माणाधीन गौरव पथ निर्माण में की जा रही गुणवत्ताहीन कार्य, अधूरे निर्माण से हो रही राहगीरों और नगरवासियों को हो रही दिक्कतों, क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती समेत कई मांगों को लेकर क्षेत्रीय विधायक चातुरी नंद 28 जून को एक दिवसीय आमरण अनशन पर बैठेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए विधायक चातुरी नंद ने बताया कि निर्माणाधीन गौरव पथ में ठेकेदार द्वारा नगर पालिका के अधिकारियों के मिलीभगत से भारी अनियमितता बरती जा रही है, नाली नहीं ढकने से राहगीर और नगरवासी आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रही है, इतना ही नहीं इस्टीमेट को धता बताते हुए डिवाइडर की ऊंचाई कम कर दी गई है। नगर के व्यापारी और आम जन की समस्याओं से सीएमओ, विभागीय मंत्री समेत मुख्यमंत्री से भी की पंरतु आज तक कोई जांच नहीं की गई मजबूरन मुझे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की राह पर चलते हुए आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा राज्य में जब से भाजपा की सरकार आई है तब से क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। सरायपाली अंचल के कई गांवों में हफ्ते भर से अधिक समय से बिजली बंद है परंतु बिजली विभाग के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए है। समस्या का निराकरण करना तो दूर अधिकारी आम जन का फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझते। गांव तो गांव नगर में भी प्रतिदिन बिजली कटौती की जा रही है।
विधायक नंद ने कहा कि इसी तरह पूर्व में हमारी कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र की पेयजल संकट को दूर करने इंजीनियर और ठेकेदार को कोई फिक्र नहीं है। मैंने इसकी शिकायत कलेक्टर, नगरीय निकाय विभाग के सचिव अमृत जल जीवन मिशन के तहत 126 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है परंतु शासन प्रशासन की उदासीनता के चलते अबतक काम शुरू नहीं हो सका है जिससे इसका लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पा रहा और सरायपाली नगर समेत पूरे अंचल में पेयजल संकट से आम जनता त्राहि माम होती रही लेकिन अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि अधिकारियों को बार बार लिखित और मौखिक रूप से बोलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से मैं अनशन करने पर मजबूर हूं। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर मैं सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ते रहूंगी। उन्होंने आम जनता और क्षेत्र के सामाजिक, व्यापारिक और अन्य संगठनों से भी जनहित के इस मुद्दे पर समर्थन देने की अपील की है। बता दें कि विधायक चातुरी नंद जनहित के मुद्दों और आमजन की समस्याओं को लेकर विधानसभा में भी मुखर होकर आवाज उठाती है। विधायक बनने के बाद उनका यह पहला आमरण अनशन है। जिसका आम जन भी समर्थन कर रहे है।
















































