चिकित्सकीय रिपोर्ट में हाथी की करंट लगने से मौत, एक ग्रामीण गिरफ्तार
छत्तीसगढ़। सूरजपुर वनमंडल के प्रतापपुर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम करंजवार में गेहूं के खेत में मृत मिले वयस्क नर हाथी के
पोस्टमॉर्टम में उसकी मौत करंट लगने से होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद वन विभाग ने खेत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रामलाल निवासी करंजवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। गेहूं की फसल को बचाने बाड़ में लगा रखा था करंट इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। बीते शुक्रवार को खेत में मृत हाथी के मिलने के बाद वन अमले ने पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया। चिकित्सकीय रिपोर्ट में हाथी की करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके आधार पर वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 (1) व 52 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।डीएफओ सूरजपुर डी. पी. साहू ने बताया कि मृत नर हाथी वयस्क था और उसकी उम्र करीब बीस वर्ष होगी वह एक सप्ताह से अपने दल से बिछड़ कर इसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था। करंजवार जंगल से सटा क्षेत्र है, जहां ग्रामीणों ने गेहूं की फसल को हाथियों से बचाने के लिए जीआई तार से खेत की घेराबंदी कर उसमें करंट प्रवाहित कर दिया था। इसी दौरान खेत में घुसने पर हाथी करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी सूंड झुलस गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में यह भी आरोप लगे हैं कि हाथी की मौजूदगी के बावजूद वन अमले द्वारा लोगों को पर्याप्त रूप से सतर्क नहीं किया गया। सरगुजा संभाग में हाथियों की करंट सहित अन्य कारणों से लगातार हो रही मौतों को लेकर वन अमले की सक्रियता पर भी सवाल उठते रहे हैं।
















































