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आयुर्वेद में बरगद के फल का बड़ा महत्व…

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बरगद के फल खनिज लवणों, एंटीऑक्सीडेंट और एनाल्जेसिकगुणों से भरपूर होते हैं जो उच्च रक्तचाप से लेकर कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम करने में सहायक है। इस पेड़ से मिलने वाले लाभों के बारे में हमें आयुर्वेदिक डॉक्टर ने विस्तार से जानकारी दी है। आज हम आपको इस पेड़ से होने वाले कईफायदों के बारे में बता रहे हैं।

इम्यूनिटी बूस्टर

बरगद का फल फल एक इम्यूनिटी बूस्टर है। इम्यूनिटी बढ़ाने में बरगद का फल काफी फायदेमंद होता है। यह आपको कई
बीमारियों से बचाता है और आपको खांसी, जुकाम, फ्लू आदि से भी दूर रखता है। आयुर्वेद में इस पेड़ को वट वृक्ष के नाम से जाना जाता है। बेंगलुरु के जीवोत्तम आयुर्वेद केंद्र के वैद्य डॉ. शरद कुलकर्णी ख्रट्ट (इभफ), (घ्द्धक) ने हमसे बातचीत में बताया बरगद के पेड़ से मिलने वाली हर एक चीज का प्रयोग प्राचीन काल से ही कई तरह की औषधि के रूप में किया जाता है। उन्होंने बताया कि बरगद के फल से लेकर इसकी छाल, पत्ते, दूध और बीजों का भी कई रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है।

बरगद के फल के पोषक तत्व

इसका वानस्पतिक नाम फिकस बेंगालेंसिस है। इस पेड़ के फल में भरपूर मात्रा में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, शुगर, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी 1, विटामिन बी3 होता है। इसके अलावा इसकी पत्तियों में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है। बरगद में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल करने में फायदेमंद होता है।

दिल के लिए फायदेमंद

बरगद के पेड़ के फल पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, ओमेगा 3 और 6 से भरपूर होते हैं, जो स्वस्थ दिल के लिए बहुत जरूरी हैं। दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक आमतौर पर तब होता
है जब मानव शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ जाता है जिसके
टलते शरीर की धमनियां काम करना बंद कर देती हैं। सोडियम का हाई लेवल धमनियों को श्रिंक यानी संकुचित करता है और पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की स्पीड को धीमा कर देता है। डॉ. के अनुसार, बरगद के फल में मौजूद पोटैशियम सोडियम के स्तर को कम करने में कारगर होता है। इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं जो रक्तचाप को कम करते हैं और कोरोनरी हृदय रोग को रोकने केलिए उपयोगी होते हैं।

मधुमेह में लाभदायक

डॉ. ने बताया कि अगर डायबिटीज के रोगी हर रोज बरगद के
फल के चूर्ण का सेवन करें तो उन्हें इसके जोखिम को कम करनेबमें मदद मिल सकती है। मधुमेह के मरीज चाहें तो बाजार से सका पाउडर ले सकते हैं या फिर घर पर इसका उबला हुआ पानी पी सकते हैं। पेट के रोग को दूर करता है
अगर आप डायरिया और पेचिश से परेशान हैं तो बरगद के पत्तोंकी कलियां बहुत फायदेमंद होती हैं। आयुर्वेद में इसका उपयोगपुराने दस्त और पेचिश के इलाज के लिए किया जाता है।

इन समस्याओं से भी दिलाता राहत

आयुर्वेद में स्किन डिसीज यानी चर्म रोगों के इलाज के लिए भी बरगद के पेड़ की छाल और पत्तों का प्रयोग किया जाता है। जोड़ों के दर्द को भी कम करने में बरगद के पत्तों का पानी मदद कर सकता है। इसके लिए आपको इसके पाउडर को गर्म पानी मेंमिलाना है और फिर उस पानी में पैर डालने हैं, इससे आपका दर्द कम हो जाएगा।

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