आरोप ; डीबीएल कम्पनी ने जर्जर की 7 किमी सड़क,ग्रामीणों में आक्रोश…
कोरबा। कुदमुरा से जिल्गा तक जंगल वाले इलाके में करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क खस्ताहाल है। सड़क की खस्ता हालत हादसों का सबब बन गई है। बड़े-बड़े गहरे गड्ढे, ढीली बजरी और धूल के गुबार स्थानीय लोगों के लिए रोज़ की चुनौती बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। आम लोगों के लिए इस सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के गिरकर घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हादसों का खतरा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। यह महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे उरगा-हाटी को जोड़ता है और आदिवासी बहुल ग्रामीण इलाकों के लिए लाइफलाइन सड़क भी है।यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख मार्ग है क्षेत्र के दर्जनों गांवों से ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं। हालांकि, सड़क की खराब स्थिति के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती है
ग्रामीण बताते है कि उरगा-पत्थलगांव सड़क निर्माणाधीन भारत माला प्रोजेक्ट से मार्ग से मिट्टी खनन करके पर बड़े-बड़े डम्फर तथा ट्रालियों के माध्यम से लेकर जाया गया।इस दौरान यह सड़क खराब हुई और तब से आज तक यह सड़क नहीं बनाई गई। जिसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानियां उठानी पड़ती है।
डीबीएल भारी गाड़ियों ने सड़क की हालत और बिगाड़ी
पिछले साल डीबीएल नामक कम्पनी ने भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रही उरगा-पत्थलगांव सड़क निर्माणाधीन के दौरान भारी वाहनों के आवागमन ने पहले से क्षतिग्रस्त सड़क को और खराब कर दिया। मिट्टी, रेत और गिट्टी के परिवहन ने सड़क को पूरी तरह से जर्जर कर दिया है। मलबा डलवाकर स्थिति को थोड़ा सुधारने की कोशिश की, लेकिन यह उपाय स्थायी नहीं है।
विद्यार्थी भी परेशान
इस सड़क से विद्यालय जाते समय यहां से गुजरने के दौरान उड़ती धूल से परेशान हैं।यूनीफार्म खराब हो जाता हैं जब ऐसे ही स्कूल पहुंचते हैं कहते है कि तो मार्ग चलने लायक नहीं बचता।छत्राओं साइकिल भी चल पा रही हैं,सड़क से डामर पूरी तरह गायब हो गया है। मोटी गिट्टी उखड़ने से जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जिसके कारण उन्हें विद्यालय पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
















































