CG : केंद्र से 3,928 करोड़ की मंजूरी,हाई स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ेंगी पंचायतें
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को नई रफ्तार मिलने जा रही है। भारतनेट फेज-3 के माध्यम से प्रदेश की ग्राम पंचायतों को हाई-क्वालिटी ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार से 3,928 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अमित आनंद व चिप्स सीईओ चिम्स मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल कनेक्टिविटी, डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए राज्य के दूरस्थ, वनांचल व आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
सेवा सेतु पोर्टल पर 564 सेवाएं
सचिव ने बताया कि सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। वर्तमान में इस पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। इस वर्ष में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं।
दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं। प्रगतिरत मोबाइल टॉवरों को ऑन एयर किए जाने का लक्ष्य आगामी दिसंबर तक रखा गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुशासन मजबूत
सचिव ने बताया कि खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग व प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन व निस्तारण को ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की गई है। वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत व समयबद्ध ऑनलाइन अनुमतियां उपलब्ध कराई जा रही है।
50 युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण
राज्य के मूल निवासियों के लिए सीएम आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है। अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नया रायपुर के सहयोग से 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है।
अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा : पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है। बस्तर मूव पोर्टल के माध्यम से नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 7 जिले व अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग की जा रही है।
