अप्रैल में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन,राजस्व मामलों का होगा निपटारा
अविवादित नामांतरण के मामलों को 45 दिनों के भीतर निराकृत करना अनिवार्य
रायपुर। राजस्व विभाग लंबित मामलों के निपटारे के लिए अगले माह से राजस्व पखवाड़े का आयोजन करेगा। विभाग ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है। राजस्व पखवाड़ा चलाने के लिए सभी कलेक्टर को विभाग ने पत्र जारी किया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले के गांवों में विशेष कार्यक्रम होंगे। इसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे लंबित मामलों को मौके पर ही सुलझाया जाएगा। अविवादित नामांतरण के मामलों को हर हाल में 45 दिनों के भीतर निराकृत करना अनिवार्य है। राजस्व न्यायालय पोर्टल के जरिए अब सीधे सचिव कार्यालय से देखा जा सकेगा कि किस तहसीलदार या पटवारी के पास फाइल 15 दिनों से अधिक समय से रुकी है। छत्तीसगढ़ में जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए राजस्व विभाग ने तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में वर्तमान में 1.15 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें अविवादित नामांतरण और सीमांकन के मामले सबसे अधिक हैं। लंबित मामलो को लेकर सभी कलेक्टरों और तहसीलदारों से कहा गया है कि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर कटवाना बंद करें, अन्यथा सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व न्यायालयों और तहसील कार्यालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। गांवों में ही शिविर लगने से किसानों और ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहर आने की जरूरत
नहीं पड़ेगी।
















































