कांग्रेस की ‘अगली पीढ़ी’सूरज से चैतन्य तक,राजनीतिक विरासत नई पीढ़ी को सौंपने की तैयारी शुरू…पढ़े पूरी खबर
छत्तीसगढ़।प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस के भीतर ‘अगली पीढ़ी’ की सक्रियता चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। कई वरिष्ठ नेताओं ने सीधे या संकेतों में अपनी राजनीतिक विरासत नई पीढ़ी को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले बात करें तो पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा चुनावी राजनीति से लगभग संन्यास ले चुके हैं और उनके पुत्र पंकज शर्मा की सक्रियता बढ़ी है।वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू भी अपने बेटों प्रवीण और यशवंत को आगे बढ़ा रहे हैं।यशवंत जिला पंचायत सदस्य बनकर औपचारिक राजनीतिक भूमिका में आ चुके हैं।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की सक्रियता भी लगातार चर्चा में है। शराब घोटाला प्रकरण में छह माह जेल में रहने के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। वे पहले भी पाटन क्षेत्र में जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रहे हैं। हाल ही में उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात ने अटकलों को और हवा दी है कि वे भविष्य में औपचारिक रूप से चुनावी राजनीति में उतर सकते हैं।

इसी तरह नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बेटे सूरज महंत भी कोरबा लोकसभा और सक्ती विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के रायपुर दौरे के दौरान चैतन्य और सूरज, दोनों से अलग-अलग मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुईं। सूरज महंत के साथ दिग्विजय सिंह की 1996-97 की एक पुरानी तस्वीर भी सामने आई जब वे अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे और सूरज पहले और अब सूरज एक साल के थे । इस बार भी उनके प्रति स्नेह ने राजनीतिक गलियारों में संभावनाओं को और बल दिया है।हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी लगभग तीन वर्ष शेष हैं, लेकिन राजनीतिक जमीन तैयार करने की कवायद अभी से शुरू होती दिख रही है। देखना है कि ये युवा चेहरे संगठनात्मक भूमिका में सीमित रहते हैं या सीधे चुनावी अखाड़े में उतरते हैं ।
















































