छत्तीसगढ़ : वार्षिक रिपोर्ट जमा न करने पर 9 दलों को नोटिस जारी
रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से 334 पंजीकृत और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन राजनीतिक दलों (दिसंबर 2018 तक पंजीकृत) ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) के अपने वार्षिक लेखापरीक्षित खाते क्रमशः 30.11.2022, 31.12.2023 और 15.12.2024 की निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा नहीं किए हैं, उन्हें पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से हटाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उन दलों के नाम भी हटाने की कार्रवाई की जा रही है जिन्होंने चुनाव लड़ा था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा के भीतर व्यय रिपोर्ट जमा नहीं की। विधानसभा चुनावों के लिए 75 दिन और लोकसभा चुनावों के लिए 90 दिन की समय सीमा दी गई है।
इस संदर्भ में, भारत निर्वाचन आयोग छत्तीसगढ़ में ऐसे पंजीकृत, गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की पहचान करेगा और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेगा।
इससे पहले, भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ के 16 राजनीतिक दलों की एक सूची प्रस्तुत की थी, जिन्हें आयोग ने 09/08/2025 (प्रथम चरण) और 19/09/2025 (द्वितीय चरण) को आदेश पारित कर पंजीकृत, गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सूची से हटा दिया था। इस संदर्भ में, भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण के लिए छत्तीसगढ़ में नौ अन्य पंजीकृत और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की पहचान की है और उनकी सूची जारी की है। इन पार्टियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है: भारत भूमि पार्टी, भारतीय जनता सेक्युलर पार्टी, भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, छत्तीसगढ़ विकास गंगा राष्ट्रीय पार्टी, छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी, छत्तीसगढ़िया पार्टी, पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड और राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी।
















































