सीजीपीएससी घोटाला: पूर्व परीक्षा नियंत्रक, सचिव और पांच अन्य को 6 अक्टूबर तक जेल
रायपुर। राज्य लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव,टामन सोनवानी के भाई की बहू मीशा कोसले और दीपा आडिल से पूछताछ के बाद उन्हें 6 अक्टूबर तक जेल भेज दिया। सभी को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। सीबीआई के वकील ने कहा कि उनसे पूछताछ पूरी हो चुकी है और उन्हें रिमांड पर लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्राप्त जानकारी के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है। बचाव पक्ष के वकील ने न्यायाधीश को बताया कि दीपा आडिल का बच्चा एक साल का है। इसे देखते हुए, न्यायाधीश ने बच्चे को हर तीन घंटे में स्तनपान कराने की अनुमति देते हुए सहमति व्यक्त की और जेल प्रशासन को अलग से व्यवस्था करने का आदेश दिया।
लेन-देन के ज़रिए गलत चयन: सीबीआई के अनुसार, सीजीपीएससी के तत्कालीन अधिकारियों ने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के ज़रिए लेन-देन के ज़रिए गलत चयनों में मध्यस्थता की। इस बीच, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक पर पेपर लीक होने के बाद भी अपने कर्तव्यों का पालन न करने का आरोप है, जिसके परिणामस्वरूप अयोग्य उम्मीदवारों का गलत चयन हुआ। 2021 सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में 1,29,206 उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 2,548 मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए। इनमें से 509 उम्मीदवारों का साक्षात्कार हुआ। 170 को बाद में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया। इनमें से कई चयनित उम्मीदवार आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे जुड़े हुए थे।
सौम्या की संपत्ति कुर्की पर सुनवाई 26 को: कोयला घोटाले में जमानत पर रिहा सौम्या चौरसिया की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की अर्जी पर 26 तारीख को सुनवाई होगी। ईओडब्ल्यू ने सौम्या पर अवैध वसूली की कमाई से संपत्तियां खरीदने का आरोप लगाया है।
इनमें से 16 संपत्तियाँ परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई बताई जा रही हैं। बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि ज़मीन मालिक का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। जिन संपत्तियों को सौम्या की बताया जा रहा है, वे उसके परिवार के सदस्यों की संपत्तियाँ हैं। इसे देखते हुए न्यायाधीश से अनुरोध किया गया कि वे जिनके नाम पर संपत्तियाँ हैं, उनका पक्ष सुनने के बाद ही निर्णय दें।
आरोपों के संबंध में दलीलें पेश की जाएँगी: सीजीपीएसपी घोटाले में जेल भेजे गए तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल, नितेश सोनवानी, ललित गणवीर (तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक), शशांक गोयल और भूमिका कटियार तथा साहिल सोनवानी पर लगे आरोपों के संबंध में दलीलें पेश की जाएँगी।
















































