किसानों ने कलेक्टर का काफिला रोका,बताई अपनी समस्या, शिविर से लौट रहे थे कलेक्टर
कोरबा।पिछले दो दिनों से चल रहे आंदोलन के दौरान चोटिया और पोड़ीखुर्द के सैकड़ों किसानों ने आज कोरबा कलेक्टर का काफिला रोककर उन्हें अपनी समस्याएं बताईं।कोरबा कलेक्टर शिरमीना में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर से लौट रहे थे, तभी चोटिया खदान 1 में बालको के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कलेक्टर का काफिला रोक लिया।ग्रामीणों ने उन्हें बालको की मनमानी और पिछले 5 सालों से लंबित मुआवजा राशि की जानकारी दी।
कलेक्टर अजीत वसंत ने बड़ी ही सहजता से अपना वाहन रुकवाया और विनम्रता से किसानों की समस्याओं का सामना किया।कलेक्टर ने किसानों की मांगों की जांच कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर से मुलाकात के बाद वे कोरबा के लिए रवाना हो गए। दरअसल चोटिया खदान से लगे ग्राम पोड़ीखुर्द के किसान पिछले 5 से 6 सालों से खदान से निकलने वाले दूषित जल निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। दूषित पानी की समस्या पहले से ही है और अब पिछले 2 सालों से एक और समस्या खड़ी हो गई है, वो है राखड़ की।
दरअसल प्रकाश इंडस्ट्रीज ने इस खदान का टेंडर लिया था, इसलिए किसानों को दूषित जल निस्तारण के लिए नियमित रूप से मुआवजा दिया जाता है। प्रकाश इंडस्ट्रीज का टेंडर समाप्त होने के बाद बाल्को ने खुद ही खदान को अपने हाथ में ले लिया, जिसके बाद से किसानों को दूषित जल निस्तारण के लिए मुआवजा मिलना बंद हो गया। अब चोटिया खदान 1 में भारी मात्रा में राखड़ डंप किए जाने से प्रभावित किसानों के हरे-भरे खेतों में राखड़ पहुंच रहा है, जिससे फसलें नष्ट होने के साथ उपजाऊ जमीन भी बंजर होने की कगार पर है। किसान चाहते हैं कि उन्हें उनके खेतों में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए और दूषित जल निस्तारण के साथ राखड़ डंपिंग पर भी रोक लगाई जाए। शिकायत के आधार पर मामले में मुआवजा प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन मामले में देरी होने से आज आक्रोशित किसानों ने बजरी डंप करने वाले वाहनों को रोककर समस्या का समाधान करने को कहा।
















































